Zomato Controversy 2026: महंगे दाम, छिपे चार्ज और खराब सर्विस ने क्यों तोड़ा ग्राहकों का भरोसा?
Zomato Controversy 2026: Price Hike, Customer Complaints और Fake Restaurants का सच । Zomato को लेकर बड़ा विवाद। Zomato price hike, customer care issues, fake restaurant listings और boycott trend क्यों कर रहा है? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
परिचय: Zomato फिर विवादों में क्यों?
भारत की सबसे लोकप्रिय ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी कंपनी Zomato एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गई है।
जहाँ एक समय Zomato को fast delivery, affordable food और convenience के लिए जाना जाता था, वहीं अब यह ऐप Zomato price hike, customer complaints, fake restaurants और poor customer service जैसे मुद्दों के कारण आलोचनाओं का केंद्र बन चुका है।
2026 की शुरुआत में ही सोशल मीडिया पर Zomato controversy ट्रेंड करने लगा और देखते-देखते
#BoycottZomato, #ZomatoScam और #ZomatoPriceHike जैसे हैशटैग वायरल हो गए।
![]() |
| Zomato Controversy 2026: महंगे दाम, छिपे चार्ज |
Zomato Price Hike: ऑनलाइन खाना इतना महंगा क्यों?
सबसे बड़ा और गंभीर आरोप Zomato price difference को लेकर है।
कई यूज़र्स ने यह दावा किया कि:
जो खाना रेस्टोरेंट में ₹250–₹300 में मिलता है
वही Zomato ऐप पर ₹550–₹700 तक दिखाया जाता है
इसके अलावा बिल में जोड़े जाते हैं:
Delivery Charges
Platform Fee
GST
Surge Pricing
इस वजह से online food delivery in India अब मिडिल-क्लास ग्राहकों के लिए महंगी होती जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Zomato pricing transparency की भारी कमी है।
Zomato: आम ग्राहक और पार्टनर्स के लिए एक बढ़ता हुआ सिरदर्द
हाल के समय में Zomato, जो कभी ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी का सस्ता और सुविधाजनक विकल्प माना जाता था, आज विवादों और आलोचनाओं के घेरे में है।
सबसे ताज़ा मामला ये है कि एक ग्राहक ने रेस्टोरेंट में ₹320 का भोजन Zomato पर ₹655 में होने का आरोप लगाया, जिससे कीमत और पारदर्शिता पर भरोसा कम हुआ और यह मुद्दा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। बहुत से用户 ने देखा कि Zomato पर दिखाई गई कीमतें अक्सर असली कीमत से कहीं अधिक होती हैं, और अतिरिक्त शुल्क भी अस्पष्ट होते हैं, जिससे कुल बिल अचानक बढ़ जाता है।
Zomato Customer Complaints: रिफंड मिलना क्यों हुआ मुश्किल?
सोशल मीडिया और कंज्यूमर फोरम्स पर Zomato customer complaints की बाढ़ आ गई है।
यूज़र्स का कहना है कि:
गलत ऑर्डर आने पर भी पूरा रिफंड नहीं मिलता
खराब या ठंडा खाना मिलने पर केवल कूपन दिया जाता है
असली कस्टमर केयर से बात करना लगभग नामुमकिन है
आज Zomato customer care issue इतना बड़ा बन चुका है कि ग्राहक इसे “Chatbot-Only Support” कहने लगे हैं।
Fake Restaurants on Zomato: क्या यूज़र्स की सेफ्टी खतरे में?
2024–2025 के दौरान कई रिपोर्ट्स सामने आईं जिनमें
Fake restaurants on Zomato और One-Dish Restaurants की बात सामने आई।
इन रेस्टोरेंट्स में:
सही पता नहीं होता
कोई फिजिकल मौजूदगी नहीं
सिर्फ ऑनलाइन ऑर्डर के लिए लिस्टिंग
इससे यह सवाल खड़ा होता है कि Zomato restaurant verification process कितना मजबूत है?
ग्राहकों का कहना है कि इससे food safety और trust दोनों को नुकसान होता है।
Pure Veg Mode Controversy: Zomato का गलत दांव?
Zomato ने जब Pure Veg Mode और Pure Veg Fleet लॉन्च किया, तो इसे एक बड़ा बदलाव बताया गया।
लेकिन कुछ ही समय बाद इस फैसले को वापस लेना पड़ा।
आलोचकों के अनुसार:
यह फैसला सामाजिक रूप से संवेदनशील नहीं था
इससे ब्रांड इमेज को नुकसान हुआ
कंपनी की नीति में अस्थिरता दिखी
यह भी Zomato brand trust के कमजोर होने का संकेत माना गया।
Restaurant Partners भी परेशान
सिर्फ ग्राहक ही नहीं, Zomato restaurant partners भी लगातार शिकायत कर रहे हैं।
रेस्टोरेंट मालिकों के आरोप:
बहुत ज़्यादा कमीशन
भुगतान में देरी
बिना अनुमति प्रमोशन चार्ज
मुनाफे में गिरावट
कई छोटे रेस्टोरेंट्स ने तो Zomato platform छोड़ने की बात भी कही है।
Boycott Zomato Trend क्यों कर रहा है?
इन सभी कारणों से सोशल मीडिया पर Boycott Zomato trend तेज़ी से बढ़ा है।
यूज़र्स का कहना है कि:
Zomato अब ग्राहक-फ्रेंडली नहीं रहा
कीमतें अनुचित हैं
सर्विस लगातार खराब हो रही है
लोग अब direct restaurant ordering या अन्य food delivery apps की ओर रुख कर रहे हैं।
Zomato Scam Allegations: सच्चाई क्या है?
हालाँकि Zomato ने कई आरोपों को खारिज किया है, लेकिन लगातार सामने आ रही
Zomato scam allegations कंपनी के लिए खतरे की घंटी हैं।
आज का ग्राहक:
ज्यादा जागरूक है
सोशल मीडिया पर आवाज़ उठाता है
ब्रांड से पारदर्शिता चाहता है
निष्कर्ष: क्या Zomato अपना भविष्य खुद खतरे में डाल रहा है?
Zomato controversy 2025 यह साफ दिखाती है कि अगर कंपनी ने जल्द ही:
Price transparency
Real human customer support
Strong restaurant verification
Fair commission policy
पर काम नहीं किया, तो उसका मार्केट लीडर स्टेटस खतरे में पड़ सकता है।
अब सवाल सिर्फ Zomato का नहीं, बल्कि पूरे online food delivery ecosystem in India के भरोसे का है।
